عربی ہفتم دورہ حدیث شریف

موطا جلد 3
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صحیح مسلم شریف
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سنن النسائی مترجم جلد 1
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سنن النسائی مترجم جلد 2 ۔
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سنن النسائی مترجم جلد 3
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جلالین کلاں
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أحسن الوقایہ شرح اردو شرح الوقایہ جلد ۱
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أحسن الوقایہ شرح اردو شرح الوقایہ جلد ۳
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مظاہر حق جلد 1
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बच्चा गालियाँ कहाँ से सीखता है?

बच्चा गालियाँ कहाँ से सीखता है?

बच्चा ये گالیاں (गालियाँ) कहाँ से सीखता है? सबसे पहले घर से सीखता है। जो बाप बात-बात पर अपनी बीवी को गाली दे रहा हो, अपने बच्चों को गालियाँ दे रहा हो, दोस्तों के साथ निजी महफ़िल और मोबाइल पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहा हो, तो फिर यह बच्चा वालिद (पिता) से सीख रहा होता है। वह समझता है कि गाली देना कोई बुरी बात नहीं है, जो बाप बात-बात में माँ को गाली दे रहा है, वह यह देख रहा है। बच्चा सबसे ज़्यादा देख कर और सुन कर सीख रहा होता है। बच्चा भविष्य (मुस्तक़बिल) में यही सब कुछ करेगा जो वह देख रहा है, चाहे आप उसको कितना ही किसी बात से क्यों न रोक लें, जो उसने देखा है, वह करना नागुज़ीर फ़ितरत (अपरिहार्य स्वभाव) है। फिर वही चीज़ बच्चे की ज़बान पर आती है। अगर यह देखना हो कि इस बच्चे के घर का माहौल कैसा है, तो बच्चे की ज़बान सुन लें; घर के माहौल का बच्चे की ज़बान से पता चल जाएगा। घर के अंदर तरबियत (परवरिश/उछेर) का अंदाज़ा बच्चे की शख़्सियत (व्यक्तित्व) से हो जाएगा कि घर में कैसी तरबियत हो रही है। बच्चे का उठना-बैठना, बच्चे का बोलना, गुफ़्तगू (बातचीत) करना और वज़अ-क़तअ (तौर-तरीक़ों/रहन-सहन) से पता चल जाएगा। हमारे घरों में तरबियत नहीं है, इस वजह से हमारे बच्चों में बिगाड़ (ख़राबी) है। हमने यह समझा कि वह स्कूल गया, ट्यूशन गया, मदरसा गया तो मेरी ज़िम्मेदारी पूरी हो गई; यह ज़िम्मेदारी पूरी नहीं हुई। उन्हें अलग से वक़्त दें, अपनी गुफ़्तगू में मोहज़्ज़ब (सभ्य) शब्दों का इस्तेमाल करें ताकि बच्चा आपसे ज़बान-ओ-अदब (भाषा और शिष्टाचार) और लहज़ा सीखे। ____________📝📝____________ किताब : बच्चों की तरबियत के 330 रहनुमा उसूल (मार्गदर्शक सिद्धांत) पृष्ठ संख्या : 175 लेखक : मौलाना मोहम्मद नुमान साहब चयन : इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप

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