عربی ششم

تسہیل شرح نخبۃ الفکر
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تحفہ نصیر شرح نحو میر
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طریق الوصول الی علوم البلاغۃ شرح میزان البلاغۃ
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شرح موجز البلاغۃ
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الکاملة لحل اسئلة الکتب الخمسہ
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درس بخاری
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فلاح و بہبود شرح اردو ابو داود جلد ١
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فلاح و بہبود شرح اردو ابو داود جلد ٢
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تنقیش النحو
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मशहूर अरबी हिकायत: "सच के गवाह"

मशहूर अरबी हिकायत: "सच के गवाह"

कहते हैं एक बस्ती ऐसी थी जो झूठ बोलने और झूठी गवाही देने में मशहूर थी। उसी बस्ती में एक पुरुष और महिला ने गुप्त रूप से, लेकिन पूर्ण शरई तरीके से निकाह कर लिया। काज़ी, गवाह और शरई ज़रूरतें सब पूरी थीं। कुछ समय बाद दोनों में अनबन हो गई। पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया और उसे तमाम शरई अधिकारों से भी वंचित कर दिया। मजलूम (पीड़ित) महिला काज़ी के पास पहुँची और शिकायत की कि पति ने न केवल निकाल दिया है बल्कि मेरा हक़ भी छीन लिया है। काज़ी ने पूछा: "क्या वाकई तुम्हारा निकाह हुआ था?" महिला ने जवाब दिया: "जी, मुकम्मल शरई निकाह हुआ था। काज़ी और दो गवाहों की मौजूदगी में।" काज़ी ने पति और गवाहों को अदालत में तलब किया। लेकिन तीनों ने अदालत में साफ़ इनकार कर दिया। सब ने कहा: "हम ने न इस औरत को कभी देखा है और न कोई निकाह हुआ।" अब काज़ी साहब ने औरत से पूछा: "क्या तुम्हारे पति के पास कुत्ते हैं?" महिला ने कहा: "जी हाँ।" काज़ी ने फ़रमाया: "क्या तुम उन कुत्तों की गवाही और फ़ैसला क़बूल करोगी?" महिला ने कहा: "जी हाँ, मैं उनकी गवाही क़बूल करती हूँ।" काज़ी ने हुक्म दिया: "इस औरत को उसके पति के घर ले जाया जाए। अगर कुत्ते उसे देखकर भौंकें, अजनबी समझकर प्रतिक्रिया दें तो वह झूठी है। लेकिन अगर वे उसे देखकर खुश हों, पहचानें और इस्तकबाल (स्वागत) करें, तो वह औरत सच्ची है, और पति और गवाह झूठे।" यह सुनकर पति और गवाहों के चेहरों का रंग फ़क़ (उड़) गया, जिस्म काँपने लगे—झूठ अब बेनक़ाब होने को था। काज़ी ने बुलंद आवाज़ में कहा: "فَجَلِّدُوهُمْ، فَإِنَّهُمْ يَكْذِبُونَ!" “इन झूठों को गिरफ़्तार करके कोड़े मारो, यही झूठे हैं।” फिर काज़ी ने अपने मुशाहिदे (अवलोकन) पर अफ़सोस का इज़हार करते हुए कहा: "بِئْسَ القُرَى الَّتِي كِلَابُهَا أَصْدَقُ مِنْ أَهْلِهَا!" “कितनी बदनसीब है वह बस्ती जिसके कुत्ते, इंसानों से ज़्यादा सच्चे हों।” _____📝📝📝_____ मनकूल (नकल किया गया)। इंतखाब (चयन) इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप।

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