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سعایۃ النحو شرحِ اردو ہدایۃ النحو
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موطا امام مالک مترجم
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المؤطا
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تسہیل المیبذی
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اشرف المرضی شرحِ اردو میبذی
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سراج التھذیب فی حل شرح التھذیب
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شرح تہذیب
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تسہیل اصول الشاشی
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क़ुरआन का मोजिज़ा और एक अमेरिकी डॉक्टर का क़बूल-ए-इस्लाम

क़ुरआन का मोजिज़ा और एक अमेरिकी डॉक्टर का क़बूल-ए-इस्लाम

इस्लाम स्वीकार करने की यह घटना आश्चर्यजनक भी है और शिक्षाप्रद भी। आश्चर्यजनक इस दृष्टिकोण से कि क़ुरआन के अवतरण (نزول) को लगभग डेढ़ हज़ार साल का समय बीत जाने के बाद भी आज तक इस बिंदु पर किसी की नज़र नहीं जा सकी, जो एक अमेरिकी डॉक्टर के इस्लाम स्वीकार करने का कारण बनी। और शिक्षाप्रद इस पहलू से है कि अल्लाह की किताब में चिंतन-मनन (غور و تدبر) और शोध व खोज आज भी ईश्वर के बंदों के लिए मार्गदर्शन और ज्ञान के द्वार खोलने और सीधे रास्ते (صراط مستقیم) पर चलने का उतना ही प्रभावी माध्यम है, जितना वह वह्य (ईश्वरीय संदेश) के अवतरण के समय था। अमेरिका के एक अस्पताल में एक अजीबोगरीब घटना घटी और उस घटना के प्रभाव में एक अमेरिकी डॉक्टर मुसलमान हो गया। उक्त अस्पताल में एक दिन डिलीवरी के दो केस एक साथ आए। एक महिला ने लड़के को जन्म दिया और दूसरी ने लड़की को... जिस रात इन दोनों बच्चों का जन्म हुआ, संयोग से सुपरवाइजर डॉक्टर वहां मौजूद नहीं था। दोनों बच्चों की कलाई में वह पट्टी भी नहीं बंधी थी जिस पर बच्चे की मां का नाम लिखा होता है, परिणाम यह हुआ कि दोनों बच्चे आपस में मिल गए और डॉक्टरों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो गया कि किस महिला का कौन सा बच्चा है, हालांकि उनमें से एक लड़की थी और दूसरा लड़का...! प्रसव (डिलीवरी) की निगरानी करने वाले डॉक्टरों की टीम में एक मुस्लिम मिस्री (मिस्र का) डॉक्टर था, जिसे अपने काम में बड़ी महारत हासिल थी। अमेरिकी डॉक्टरों से उसकी अच्छी जान-पहचान थी और अपने स्टाफ के एक अमेरिकी डॉक्टर से उसकी गहरी दोस्ती थी। दोनों डॉक्टर बेहद परेशान थे कि इस समस्या का समाधान कैसे निकाला जाए? अमेरिकी गैर-मुस्लिम डॉक्टर ने मिस्री डॉक्टर से कहा, "तुम तो दावा करते हो कि क़ुरआन हर चीज़ की स्पष्ट व्याख्या करता है और इसमें हर तरह की समस्याओं को शामिल किया गया है, तो अब तुम ही बताओ कि इनमें से कौन सा बच्चा किस महिला का है?" मिस्री डॉक्टर ने कहा, "हां, क़ुरआन मजीद बेशक हर मामले में स्पष्ट प्रमाण है और मैं इसे आपको साबित करके दिखाऊंगा। लेकिन मुझे थोड़ा समय दीजिए कि मैं खुद पहले इस मामले में संतुष्ट हो जाऊं।" इसलिए मिस्री डॉक्टर ने विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए मिस्र की यात्रा की और जामिया अज़हर के कुछ शयुख़ (विद्वानों) से इस समस्या के बारे में पूछा और अपने अमेरिकी मित्र डॉक्टर के साथ हुई बातचीत का पूरा विवरण भी प्रस्तुत किया। अज़हरी विद्वान ने उत्तर दिया, "मुझे चिकित्सा (मेडिकल) के मामलों और समस्याओं की गहरी समझ नहीं है। लेकिन मैं क़ुरआन की एक आयत पढ़ता हूँ, आप इस पर विचार करें। अल्लाह ने चाहा तो आपको इस समस्या का समाधान इसमें मिल जाएगा।" इसके बाद उस विद्वान ने निम्नलिखित आयत पढ़कर सुनाई: "अनुवाद: मर्द का हिस्सा दो औरतों के बराबर है।" (अन्-निसा: 11)। मिस्री डॉक्टर ने इस आयत पर चिंतन-मनन शुरू कर दिया और गहराई में जाने पर आखिरकार उसे इस समस्या का समाधान मिल ही गया। चुनाँचे, वह अमेरिका वापस आया और अपने मित्र डॉक्टर को पूरे विश्वास के साथ बताया कि क़ुरआन ने साबित कर दिया है कि इन दोनों में से कौन सा बच्चा किस मां का है। अमेरिकी डॉक्टर ने बड़े आश्चर्य से पूछा, "यह कैसे संभव है?" मिस्री डॉक्टर ने कहा, "हमें इन दोनों महिलाओं के दूध का परीक्षण (टेस्ट) करने का अवसर दीजिए, तो इस पहेली का हल मिल जाएगा।" परिणामतः, जांच और शोध के बाद यह पता चल गया कि कौन सा बच्चा किस महिला का है और मिस्री डॉक्टर ने अपने गैर-मुस्लिम मित्र डॉक्टर को पूरे विश्वास के साथ इस परिणाम से अवगत करा दिया। डॉक्टर हैरान व शशदर (आश्चर्यचकित) था कि आखिर यह कैसे पता चला? मिस्री डॉक्टर ने बताया कि इस शोध और परीक्षण के परिणामस्वरूप जो बात सामने आई, वह यह थी कि "लड़के की मां के दूध की मात्रा, लड़की की मां की तुलना में दोगुनी पाई गई।" इसके अतिरिक्त, लड़के की मां के दूध में खनिज (نمکیات) और विटामिन की मात्रा भी लड़की की मां के मुकाबले दोगुनी थी। फिर मिस्री डॉक्टर ने अमेरिकी डॉक्टर के सामने क़ुरआन करीम की वह संबंधित आयत पढ़ी ("مرد کا حصہ دو عورتوں کے برابر ہے" यानी मर्द का हिस्सा दो औरतों के बराबर है), जिसके माध्यम से उसने इस समस्या का समाधान खोजा था और जिस पहेली को सुलझाने में दोनों डॉक्टर बेहद परेशान थे। यह सुनते ही वह अमेरिकी डॉक्टर तुरंत ईमान ले आया (मुसलमान हो गया)। ऐसा ही एक वाक़या हज़रत अली अल-मुर्तज़ा रज़ियल्लाहु अन्हु के युग में भी पेश आया था। चौदह सौ साल पहले इस्लाम ने इस तरह की जटिल समस्याओं को पलों में किस तरह हल किया था, इस उद्देश्य के लिए वह घटना यहाँ प्रस्तुत की जा रही है: आपके ख़िलाफ़त के ज़माने में दो महिलाओं की एक ही स्थान पर और एक ही रात में डिलीवरी हुई। एक का लड़का और दूसरी की लड़की थी। लड़की वाली ने अपनी लड़की को लड़के वाली के झूले में डाल दिया और लड़के को खुद ले लिया। लड़के वाली ने कहा कि लड़का मेरा है, यह मुक़दमा आपके (रज़ियल्लाहु अन्हु) पास आया। आपने आदेश दिया कि दोनों के दूध का वज़न किया जाए, जिसका दूध भारी (वज़नी) होगा, लड़का उसी का होगा..........!!!!

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