عربی ششم

متن العقیدۃ الطحاویۃ
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توضیح المیبذی
توضیح المیبذی
المیبذی
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توضیح الوقایہ آخرین ۱
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خلاصۃ الانوار شرح نور الانوار
خلاصۃ الانوار شرح نور الانوار
تذکرہ صاحب ہدایہ
تذکرہ صاحب ہدایہ
المقامات الحریریۃ
المقامات الحریریۃ
تلخیص المفتاح
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شرح شذور الذھب
شرح شذور الذھب

लेन-देन की सफ़ाई और आख़िरत का ख़ौफ़

लेन-देन की सफ़ाई और आख़िरत का ख़ौफ़

हज़रत वाला (रह.) की तरफ़ से अपने सारे मुरीदीन (शिष्यों) और मुतअल्लिक़ीन (परिचितों) को यह हिदायत थी कि जब कभी रेलवे में सफ़र करो, और तुम्हारा सामान उस मिक़दार (मात्रा) से ज़ायद (अधिक) हो जितना रेलवे ने तुम्हें मुफ़्त ले जाने की इजाज़त दी है, तो इस सूरत में अपने सामान का वज़न कराओ और ज़ायद सामान का किराया अदा करो, फिर सफ़र करो। ख़ुद हज़रत वाला का अपना वाक़िया है कि एक मर्तबा रेलवे में सफ़र के इरादे से स्टेशन पहुंचे, गाड़ी के आने का वक़्त क़रीब था, आप अपना सामान ले कर उस दफ़्तर में पहुंचे जहां पर सामान का वज़न कराया जाता था और जाकर लाइन में लग गए। इत्तिफ़ाक़ से गाड़ी में साथ जाने वाला गार्ड वहां आ गया और हज़रत वाला को देख कर पहचान लिया, और पूछा कि "हज़रत आप यहां कैसे खड़े हैं?" हज़रत ने फ़रमाया कि "मैं सामान का वज़न कराने आया हूँ।" गार्ड ने कहा कि "आपको सामान का वज़न कराने की ज़रूरत नहीं, आपके लिए कोई मसला नहीं, मैं आपके साथ गाड़ी में जा रहा हूँ, आपको ज़ायद सामान का किराया देने की ज़रूरत नहीं।" हज़रत ने पूछा कि "तुम मेरे साथ कहां तक जाओगे?" गार्ड ने कहा कि "मैं फ़लां स्टेशन तक जाऊंगा।" हज़रत ने पूछा कि "उस स्टेशन के बाद क्या होगा?" गार्ड ने कहा कि "उस स्टेशन पर दूसरा गार्ड आएगा, मैं उसको बता दूंगा कि यह हज़रत का सामान है, इसके बारे में कुछ पूछ-गछ मत करना।" हज़रत ने पूछा कि "वह गार्ड मेरे साथ कहां तक जाएगा?" गार्ड ने कहा कि "वह तो और आगे जाएगा, उससे पहले ही आपका स्टेशन आ जाएगा।" हज़रत ने फ़रमाया कि "मैं तो और आगे जाऊंगा यानी आख़िरत (परलोक) की तरफ़ जाऊंगा और अपनी क़ब्र में जाऊंगा, वहां पर कौनसा गार्ड मेरे साथ जाएगा? जब वहां आख़िरत में मुझसे सवाल होगा कि एक सरकारी गाड़ी में सामान का किराया अदा किए बग़ैर जो सफ़र किया और जो चोरी की उसका हिसाब दो, तो वहां पर कौनसा गार्ड मेरी मदद करेगा?" ____________📝📝____________ किताब: मुआमलात साफ़ रखें सफ़ा नंबर: 11, 12 मुसन्निफ़ (लेखक): मुफ़्ती मुहम्मद तक़ी उस्मानी साहब चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप

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