عربی پنجم

احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 4
احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 4
احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 5
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احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 6
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احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 7
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احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 8
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احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 9
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احسن الھدایہ شرحِ اردو ہدایہ 10
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مفتاح العربیہ دوم
مفتاح العربیہ دوم

आज की मेरी एक छोटी सी नेकी

आज की मेरी एक छोटी सी नेकी

पिछले दिसंबर एक रोज़ जब इंग्लैंड में शदीद (भारी) बर्फबारी हो रही थी और हर किसी को सर्दी ने जकड़ रखा था, तो मैंने अपने ऑफिस की खिड़की से देखा कि मेरा एक साथी इस मुंजमिद (जमा) कर देने वाली हवा में बाहर दस्ताने चढ़ाए और हाथ में बेलचा थामे रास्ते से लोगों के लिए बर्फ के ढेर (अम्बार) साफ़ कर रहा है.. मैं हैरत से ठिठुरता हुआ उसे देखता रहा.. कुछ देर बाद जब उससे मुलाक़ात हुई तो पूछा कि तुम तो मेरी तरह इंजीनियर हो, फिर तुम्हारे ज़िम्मे इस सर्दी में यह सख़्त काम किसने लगा दिया..? उसने मुस्कुरा कर जवाब दिया कि "यह मेरी आज की छोटी सी नेकी है.." चंद रोज़ पहले ऑफिस के किचन में रखा डिशवॉशर ख़राब हो गया.. नतीजा यह हुआ कि सफ़ाई करने वालों के लिए बर्तनों के ढेर लगने लगे.. दिन के इख़्तेताम (अंत) पर काम ख़त्म करके जब मैं घर जाने लगा तो देखा कि एक सीनियर मैनेजर आस्तीनें चढ़ाए सारे बर्तन मांझ-मांझ कर धो रही है.. मेरी इस्तफ़्सार करती (पूँछती हुई) नज़रों को देखा तो मुस्कुरा कर मुख़ातिब हुई कि "यह मेरी आज की छोटी सी नेकी है..". ऐसे ही अनगिनत मुशाहिदों (अवलोकनों) से मुझे यह समझ आने लगा कि नेकी सिर्फ़ यह नहीं कि मैं दो रकात नमाज़ ज़्यादा पढ़ लूँ या चंदे के डिब्बे में चंद रुपये डाल आऊँ, बल्कि बरतर (श्रेष्ठ) नेकी यह है कि ऐसे मौक़े तलाश करूँ जहाँ मख़्लूक (जीवों/सृष्टि) के ख़ामोशी से काम आ सकूँ, किसी की अज़िय्यत (तकलीफ़) कम कर सकूँ.. कुछ रोज़ पहले हमारे फ्लैट्स की लिफ्ट ख़राब हो गई जिसके बग़ैर कचरा नीचे ले जाना मुहाल (असंभव) था.. घर का कचरा फेंकने के लिए निकला तो देखा कि एक पड़ोसी महिला ने भी अपना बहुत सा कचरा बाहर रख रखा है.. मैंने उनका कचरा भी साथ उठा लिया.. फिर इस ख़याल से कि कचरे वाले को मुश्किल न हो, इन कचरे के बड़े-बड़े थैलों को गिरह (गाँठ) लगाकर बाँध दिया.. ज़ाहिर है कि इससे मेरे हाथ ख़राब (गंदे) हो गए.. साथ चलती हुई एक कम उम्र बच्ची ने हैरत से मेरी तरफ़ देखा तो बेइख़्तियार (अचानक) मेरे मुँह से निकला.. "यह मेरी आज की छोटी सी नेकी है.." __________📝📝__________ मनक़ूल (उद्धृत)। चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप

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