عربی سوم

التكمیل الضروری شرحِ اردو مختصر القدوری
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الصبح النوری شرحِ اردو مختصر القدوری
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اشراق نوری ترجمہ اردو قدوری
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مرآۃ الانوار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار جلد 1
مرآۃ الانوار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار جلد 1
مرآۃ الانوار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار جلد 2
مرآۃ الانوار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار جلد 2
مرآۃ الانوار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار جلد 3
مرآۃ الانوار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار جلد 3
مفتاح الاسرار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار
مفتاح الاسرار شرحِ اردو مشکوٰۃ الآثار
شرح ابنِ عقیل الجزء الاول
شرح ابنِ عقیل الجزء الاول
شرح ابنِ عقیل الجزء الثانی
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झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम

झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम

एक आदमी कई रातें सख्त सर्दी में आराम से सोता रहा। एक दिन किसी राहगीर ने गुजरते हुए उससे कहा: "मैं तुम्हें एक गर्म रज़ाई लाकर दूंगा"!! वह राहगीर अपनी मंज़िल को चला गया और रज़ाई लाने का वादा भूल गया, बूढ़ा आदमी उसका इंतज़ार करते हुए सर्दी से मर गया। लोगों को उसकी लाश के पास एक लिखा हुआ पर्चा (नोट) मिला। उस पर ये शब्द लिखे थे: "मैंने तुम्हारे आने से पहले कई रातें सर्दी बर्दाश्त की क्योंकि मेरे पास कोई और आसरा नहीं था, मगर तुम्हारी बात ने मुझे एक उम्मीद दिलाकर उसे मेरा आसरा बना दिया और मैंने तुम पर उम्मीद लगाकर अपनी आंतरिक शक्ति (ताक़त) खो दी। चुनाँचे... सर्दी ने मुझे मार डाला।" ................ अपनी बात और वादे को हमेशा पूरा करो। और जब बोलो तो शब्दों का चयन सोच-समझकर करो। अगर आपकी दी हुई उम्मीद किसी को तसल्ली और सहारा दे सकती है, तो वह उसे तोड़ भी सकती है।

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