عربی پنجم

اشرف الھدایہ جلد 6
اشرف الھدایہ جلد 6
اشرف الھدایہ جلد 7
اشرف الھدایہ جلد 7
تشریح السراجی
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درس سراجی
درس سراجی
معین السراجی
معین السراجی
تسہیل السراجی
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العقائد النسفیۃ علی شرح العقائد
العقائد النسفیۃ علی شرح العقائد
فیض سبحانی شرح اردو حسامی 2
فیض سبحانی شرح اردو حسامی 2
الحسامی
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ऐसी नमाज़ अब कौन पढ़ेगा?

ऐसी नमाज़ अब कौन पढ़ेगा?

बयान किया जाता है कि एसाम बिन यूसुफ, हज़रत हातिम असम्म रहमतुल्लाह अलैह की मजलिस में आए और उन पर आपत्ति (ऐतराज़) करना चाहा। अतः एसाम ने हातिम से कहा: "ऐ अबू अब्दुल रहमान!" (यह हातिम की कुन्नियत है) "आप नमाज़ किस तरह अदा करते हैं?" हातिम रहमतुल्लाह अलैह ने उनकी ओर मुतवज्जोह होकर फ़रमाया: "जब नमाज़ का वक़्त आता है तो मैं खड़ा होता हूँ और पहले वज़ू-ए-ज़ाहिर (बाहरी वज़ू), फिर वज़ू-ए-बातिन (आंतरिक वज़ू) करता हूँ।" एसाम ने कहा: "इन दोनों वुज़ूओं की क्या सूरत है?" हातिम रहमतुल्लाह अलैह ने फ़रमाया: "वज़ू-ए-ज़ाहिर की यह सूरत है कि वज़ू के अंगों को पानी से धोता हूँ, और वज़ू-ए-बातिन यह है कि अपने आंतरिक अंगों (दिलो-दिमाग) को सात चीज़ों से धोता हूँ: दुनिया का त्याग करता हूँ, मखलूक (लोगों) की तारीफ़ की ख्वाहिश, रिया (दिखावा), कीना (द्वेष) और हसद (ईर्ष्या) को दिल से दूर करता हूँ।" "फिर नमाज़ के लिए खड़ा होता हूँ, अपने अंगों को शांत और स्थिर करता हूँ, काबा मेरे सामने (नज़र में) होता है, आशा और भय की हालत में खड़ा रहता हूँ, और यह यक़ीन रखता हूँ कि अल्लाह तआला मुझे देख रहा है। मेरी दाईं जानिब (ओर) जन्नत और बाईं जानिब दोज़ख़ होती है, मलिकुल मौत (मौत का फ़रिश्ता) मेरे पीछे होते हैं, और मैं ख़्याल करता हूँ कि गोया मैं अपना क़दम पुल-ए-सिरात पर रख रहा हूँ, और गुमान करता हूँ कि यह मेरी ज़िंदगी की आख़िरी नमाज़ है।" "फिर नीयत करता हूँ, ख़ुशू-ओ-खुज़ू (अत्यंत विनम्रता) के साथ तकबीर कहता हूँ, क़ुरआन-ए-करीम को उसके मानी (अर्थ) में तदब्बुर और ग़ौर-ओ-फ़िक्र के साथ पढ़ता हूँ, अज़्ज़-ओ-इन्कसार (आजिज़ी) के साथ रुकू करता हूँ, और गिरिया-ओ-ज़ारी (रोते हुए) के साथ सजदा करता हूँ। अल्लाह तआला की रहमत की उम्मीद पर तशह्हुद पढ़ता हूँ और इख्लास (सच्चे दिल) के साथ सलाम फेरता हूँ। चालीस साल से मेरी नमाज़ इसी तरह है।" यह सुनकर एसाम ज़ार-ओ-क़तार रोने लगे और कहा: "यह ऐसी चीज़ है कि आपके अलावा दूसरा इस पर क़ादिर (सक्षम) नहीं हो सकता।" (उद्धृत — चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप)

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