عربی ششم

خیر المفاتیح شرح اردو مشکوہ المصابیح 4
خیر المفاتیح شرح اردو مشکوہ المصابیح 4
خیر المفاتیح شرح اردو مشکوہ المصابیح 5
خیر المفاتیح شرح اردو مشکوہ المصابیح 5
خیر المفاتیح شرح اردو مشکوہ المصابیح 6
خیر المفاتیح شرح اردو مشکوہ المصابیح 6
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح  1
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح 1
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح  2
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح 2
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح  3
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح 3
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح  4
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح 4
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح  5
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح 5
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح  6
لمعات التنقیح فی شرح مشکوۃ المصابیح 6

एक खामोश सबक़

एक खामोश सबक़

एक शादी समारोह में, एक सज्जन अपने एक परिचित व्यक्ति के पास गए और पूछा, "क्या आपने मुझे पहचाना?" उन्होंने ध्यान से देखा और कहा, "हाँ, तुम मेरे प्राइमरी स्कूल के छात्र हो। आजकल क्या कर रहे हो?" छात्र ने जवाब दिया, "मैं भी आपकी तरह एक स्कूल टीचर हूँ। और टीचर बनने की यह इच्छा मुझमें सिर्फ़ आपकी वजह से ही पैदा हुई थी।" शिक्षक ने पूछा, "वह कैसे?" छात्र ने जवाब दिया, "क्या आपको याद है कि एक बार क्लास में एक लड़के की बहुत ख़ूबसूरत घड़ी चोरी हो गई थी, और वह घड़ी मैंने ही चुराई थी। आपने पूरी क्लास से कहा था कि जिसने भी घड़ी चुराई है, वह वापस कर दे। मैं घड़ी वापस करना चाहता था लेकिन शर्मिंदगी से बचने के लिए मुझमें यह हिम्मत नहीं हुई। आपने पूरी क्लास को दीवार की तरफ़ मुँह करके, आँखें बंद करके खड़े होने का आदेश दिया और सबकी जेबों की तलाशी ली। मेरी जेब से घड़ी निकालने के बाद भी आपने मेरा नाम लिए बिना वह घड़ी उसके मालिक को सौंप दी, और मुझे कभी इस बात पर शर्मिंदा नहीं किया। मैंने उसी दिन से एक शिक्षक बनने का संकल्प ले लिया था।" शिक्षक ने मुस्कुराकर कहा, "कहानी असल में कुछ यूँ है कि तलाशी के दौरान मैंने भी अपनी आँखें बंद कर ली थीं। मुझे भी आज ही पता चला है कि वह घड़ी तुमने चुराई थी!" क्या हम ऐसे शिक्षक बन सकते हैं जो अपने कर्मों से बच्चों को शिक्षक बनने की प्रेरणा दे सकें, न कि छोटी-छोटी ग़लतियों पर बच्चों को पूरी क्लास के सामने शर्मिंदा करें? (मन्क़ूल — चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप)

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