عربی ہفتم دورہ حدیث شریف

بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١١
بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١١
بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١٢
بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١٢
بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١٣
بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١٣
بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١٤
بذل المجھود فی حل سنن ابی داود الجزء ١٤
حدیث کے اصول و مصطلحات
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رہبر علم حدیث
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نصر الباری شرح اردو صحیح البخاری جلد ١
نصر الباری شرح اردو صحیح البخاری جلد ١
نصر الباری شرح اردو صحیح البخاری جلد ٢
نصر الباری شرح اردو صحیح البخاری جلد ٢
نصر الباری شرح اردو صحیح البخاری جلد ٣
نصر الباری شرح اردو صحیح البخاری جلد ٣

माता-पिता की सेवा का प्रतिफल

माता-पिता की सेवा का प्रतिफल

बनी इसराइल का एक अनाथ बच्चा हर काम अपनी माँ से पूछकर उनकी मर्ज़ी के मुताबिक किया करता था। उसने एक खूबसूरत गाय पाली और हर वक्त उसकी देखभाल में मसरूफ (व्यस्त) रहता था। एक बार एक फ़रिश्ता इंसानी रूप में उस बच्चे के सामने आया और गाय खरीदने का इरादा ज़ाहिर किया। बच्चे ने कीमत पूछी तो फ़रिश्ते ने बहुत कम कीमत बताई। जब बच्चे ने माँ को सूचित किया तो उसने इनकार कर दिया। फ़रिश्ता हर बार कीमत बढ़ाता रहा और बच्चा हर बार अपनी अम्मी से पूछकर जवाब देता रहा। जब कई बार ऐसा हुआ तो बच्चे ने महसूस किया कि मेरी माँ गाय बेचने पर राज़ी नहीं हैं, इसलिए उसने फ़रिश्ते को साफ़ इनकार कर दिया कि गाय किसी कीमत पर नहीं बेची जा सकती। फ़रिश्ते ने कहा कि तुम बड़े खुशबख्त और खुशनसीब हो कि हर बात अपनी माँ से पूछकर करते हो। जल्द ही तुम्हारे पास कुछ लोग इस गाय को खरीदने के लिए आएँगे, तो तुम इस गाय की खूब भारी कीमत लगाना। दूसरी तरफ बनी इसराइल में एक आदमी के कत्ल का वाकिया (घटना) पेश आया और उन्हें जिस गाय की कुर्बानी का हुक्म मिला, वह इसी बच्चे की गाय थी। चुनांचे (अतः) बनी इसराइल के लोग जब उस बच्चे से गाय खरीदने के लिए आए, तो उस बच्चे ने कहा कि इस गाय की कीमत इसके वज़न के बराबर सोना अदा करने के बराबर है। बनी इसराइल के लोगों ने इतनी भारी कीमत अदा करके गाय खरीद ली। तफ़सीर-ए-अज़ीज़ी और तफ़सीर मआलिमुल इरफ़ान फ़ी दुरूसिल कुरआन में लिखा है कि इस बच्चे को यह दौलत माता-पिता के अदब (सम्मान) और उनकी आज्ञाकारिता की वजह से मिली। तफ़सीर-ए-तब्री में भी इसी तरह का वाकिया मनकूल (वर्णित) है। इससे मालूम हुआ कि माता-पिता की सेवा और अदब का कुछ सिला (फल) इस दुनिया में भी दे दिया जाता है। मनकूल (नकल किया गया)।

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