عربی ہفتم دورہ حدیث شریف

الدر المنضود شرح سنن ابی داؤد جلد ٤
الدر المنضود شرح سنن ابی داؤد جلد ٤
الدر المنضود شرح سنن ابی داؤد جلد ٥
الدر المنضود شرح سنن ابی داؤد جلد ٥
الدر المنضود شرح سنن ابی داؤد جلد ٦
الدر المنضود شرح سنن ابی داؤد جلد ٦
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ١
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ١
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٢
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٢
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٣
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٣
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٤
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٤
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٥
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٥
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٦
تحفة القاری شرح صحیح البخاری جلد ٦

यौम-ए-आशूरा: इसका महत्व, महानता और 21 ऐतिहासिक घटनाएँ

यौम-ए-आशूरा: इसका महत्व, महानता और 21 ऐतिहासिक घटनाएँ

यौम-ए-आशूरा बड़ा ही महत्वपूर्ण और महानता का हामिल दिन है, इतिहास की महान घटनाएँ इससे जुड़ी हुई हैं; चुनाँचे इतिहासकारों ने लिखा है कि: (1) यौम-ए-आशूरा में ही आसमान और ज़मीन, क़लम और हज़रत आदम अलैहिस्सलाम को पैदा किया गया। (2) इसी दिन हज़रत आदम अली नबिय्यिना व अलैहिस्सलातु वस्सलाम की तौबा क़बूल हुई। (3) इसी दिन हज़रत इदरीस अलैहिस्सलाम को आसमान पर उठाया गया। (4) इसी दिन हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की कश्ती खौफनाक सैलाब (बाढ़) से महफ़ूज़ होकर कोह-ए-जूदी पर लंगर अंदाज़ हुई। (5) इसी दिन हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को ख़लीलउल्लाह बनाया गया, और उन पर आग गुल-गुलज़ार (बाग-बगीचा) हुई। (6) इसी दिन हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की पैदाइश हुई। (7) इसी दिन हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम को क़ैदख़ाने से रिहाई नसीब हुई और मिस्र की हुकूमत मिली। (8) इसी दिन हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की हज़रत यअक़ूब अलैहिस्सलाम से एक लंबे अरसे के बाद मुलाक़ात हुई। (9) इसी दिन हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम और उनकी क़ौम बनी इस्राईल को फ़िरऔन के ज़ुल्म व इस्तेबदाद (अत्याचार) से निजात हासिल हुई। (10) इसी दिन मूसा अलैहिस्सलाम पर तौरेत नाज़िल हुई। (11) इसी दिन हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम को बादशाही वापस मिली। (12) इसी दिन हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम को सख़्त बीमारी से शिफ़ा नसीब हुई। (13) इसी दिन हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम चालीस दिन मछली के पेट में रहने के बाद निकाले गए। (14) इसी दिन हज़रत यूनुस अलैहिस्सलाम की क़ौम की तौबा क़बूल हुई और उनके ऊपर से अज़ाब टला। (15) इसी दिन हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की पैदाइश हुई। (16) और इसी दिन हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम को यहूदियों के शर (शरारत) से निजात दिलाकर आसमान पर उठाया गया। (17) इसी दिन दुनिया में पहली बार बाराने-रहमत (रहमत की बारिश) नाज़िल हुई। (18) इसी दिन क़ुरैश ख़ाना काबा पर नया ग़िलाफ़ डालते थे। (19) इसी दिन हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत ख़दीजा तुल कुबरा रज़ियल्लाहु अन्हा से निकाह फ़रमाया। (20) इसी दिन कूफ़ी फ़रेबकारों ने नवासा-ए-रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और जिगर गोशा-ए-फ़ातिमा, सैयदुना हज़रत हुसैन रज़ियल्लाहु अन्हुमा को मैदाने कर्बला में शहीद किया। (21) और इसी दिन क़ियामत क़ायम होगी। - (नुज़हतुल मजालिस 1/347, 348, मआरिफुल क़ुरआन पा. 11 - आयत 98 - मआरिफुल हदीस (4/168) ____📝📝📝____ किताब : माहनामा अरमगाने वलीउल्लाह (जुलाई - 2025)। सफ़ा नंबर : 11 - 12 । चयन : इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप।

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