عربی ہفتم دورہ حدیث شریف

تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذی الجزء التاسع
تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذی الجزء التاسع
تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذی الجزء العاشر
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تفہیم المسالک شرح مؤطا امام مالک
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آسان ترجمہ صحیح بخاری
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روضۃ المسلم شرح مقدمۃ المسلم
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کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٥
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کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٦
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کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٧
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کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٨
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नजमुद्दीन अय्यूब का निकाह और सुल्तान सलाहुद्दीन अय्यूबी का जन्म

नजमुद्दीन अय्यूब का निकाह और सुल्तान सलाहुद्दीन अय्यूबी का जन्म

गवर्नर नजमुद्दीन अय्यूब काफी उम्र होने तक शादी से इनकार करते रहे। एक दिन उनके भाई असदुद्दीन शिरकोह ने उनसे कहा: "भाई, तुम शादी क्यों नहीं करते?" नजमुद्दीन ने जवाब दिया: "मैं किसी को अपने काबिल नहीं समझता..." असदुद्दीन ने कहा: "क्या मैं आपके लिए रिश्ता माँगूँ?" नजमुद्दीन ने कहा: "किसका?" असदुद्दीन: "मलिक शाह बिन्त सुल्तान मुहम्मद बिन मलिक शाह सलजूकी की बेटी का या वज़ीरुल मुल्क की बेटी का।" नजमुद्दीन: "वह मेरे लायक नहीं है।" असदुद्दीन ने हैरानी से कहा: "फिर कौन तुम्हारे लायक होगी?" नजमुद्दीन ने जवाब दिया: "मुझे ऐसी नेक बीवी चाहिए जो मेरा हाथ पकड़कर मुझे जन्नत में ले जाए और उससे मेरा एक ऐसा बेटा पैदा हो जिसकी वह बेहतरीन तरबियत (परवरिश) करे, जो शहसवार (महान योद्धा) हो और मुसलमानों का क़िबला-ए-अव्वल (पहला क़िबला) वापस ले...!" असदुद्दीन को नजमुद्दीन की बात पसंद नहीं आई और उन्होंने कहा: "ऐसी तुम्हें कहाँ मिलेगी?" नजमुद्दीन ने कहा: "नीयत में ख़ुलूस (सच्चाई) हो तो अल्लाह रब्बुल आलमीन नसीब करेगा...!" एक दिन नजमुद्दीन मस्जिद में तक्रीत के एक शैखुल इल्म (विद्वान) के पास बैठे हुए थे, एक लड़की आई और परदे के पीछे से ही शैख को आवाज़ दी। शैख ने लड़की से बात करने के लिए नजमुद्दीन से माफ़ी चाही... नजमुद्दीन भी सुन रहे थे कि शैख लड़की से क्या कह रहे हैं... शैख ने लड़की से कहा: "तुमने उस लड़के का रिश्ता क्यों ठुकरा दिया जिसे मैंने भेजा था?" लड़की: "ऐ हमारे शैख और मुरब्बी (गुरु)! वह लड़का वाकई खूबसूरत और रुतबे वाला था मगर मेरे लायक नहीं था..." शैख: "तुम क्या चाहती हो?" लड़की: "मुझे ऐसा लड़का चाहिए जो मेरा हाथ पकड़कर मुझे जन्नत में ले जाए और उससे मुझे अल्लाह तआला ऐसा बेटा दे जो शहसवार हो और मुसलमानों का क़िबला-ए-अव्वल वापस ले..." नजमुद्दीन हैरान रह गए क्योंकि जो वह सोचते थे, वही यह लड़की भी सोचती थी...! नजमुद्दीन, जिन्होंने शासकों और वज़ीरों की बेटियों के रिश्ते ठुकराए थे, शैख से कहा: "इस लड़की से मेरी शादी करवा दें..." शैख: "यह मुहल्ले के सबसे फ़क़ीर (ग़रीब) घराने की लड़की है..." नजमुद्दीन: "मैं यही चाहता हूँ।" नजमुद्दीन ने उस फ़क़ीर मुत्तक़ी (परहेज़गार) लड़की से शादी कर ली और उसी से वह शहसवार पैदा हुआ जिसे दुनिया 'सुल्तान सलाहुद्दीन अय्यूबी' के नाम से जानती है... जिन्होंने मुसलमानों के क़िबला-ए-अव्वल बैतुल मुक़द्दस को आज़ाद करवाया... ⭕ फिर दिखा दे ऐ तसव्वुर मन्ज़र वो सुबहो-शाम तू दौड़ पीछे की तरफ़ ऐ गर्दिश-ए-अय्याम तू...! ــــــــــــــــــــــــــ📝📝ــــــــــــــــــــــــــ मनक़ूल (उद्धृत)। चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप

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