عربی ہفتم دورہ حدیث شریف

تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذی الجزء التاسع
تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذی الجزء التاسع
تحفة الأحوذي بشرح جامع الترمذی الجزء العاشر
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تفہیم المسالک شرح مؤطا امام مالک
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آسان ترجمہ صحیح بخاری
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روضۃ المسلم شرح مقدمۃ المسلم
روضۃ المسلم شرح مقدمۃ المسلم
کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٥
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کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٦
کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٦
کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٧
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کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٨
کشف الباری عما فی صحیح البخاری جلد ٨

जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक

जीवन का सफर बहुत छोटा है: क्षमा और शांति का एक सुंदर सबक

एक औरत बड़ी तेज़ी से बस में सवार हुई और एक दूसरी औरत के बराबर वाली सीट पर जा बैठी। उसके पर्स ने साथ बैठी औरत को चोट पहुँचाई। वह औरत खामोश रही। उसे खामोश देखकर दूसरी औरत ने सवाल किया, "तुम मेरे पर्स से चोट लगने के बावजूद खामोश क्यों रहीं?" वह औरत मुस्कुराई और बोली: "एक मामूली सी चीज़ के लिए मुझे नाराज़ होने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि हमारा एक-दूसरे के साथ का सफर बेहद छोटा है, क्योंकि मैं अगले स्टॉप पर उतरने वाली हूँ।" इस जवाब ने दूसरी औरत को बेचैन कर दिया, उसने उस औरत से माफ़ी मांगी। इसके बाद जो बातें सोचने लायक हैं, वे सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने के योग्य हैं। हममें से हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि दुनिया में हमारा समय बहुत कम है। इस संक्षिप्त समय को बेकार की बहसबाजी, ईर्ष्या, द्वेष और अन्य रंजिशों से अंधकारमय नहीं करना चाहिए, और ये खराब व्यवहार केवल समय और ऊर्जा की बर्बादी का कारण बनते हैं। क्या किसी ने आपका दिल दुखाया है? शांत रहिए। सफर बहुत छोटा है। क्या किसी ने आपको धोखा दिया या ज़लील किया है? रिलैक्स रहें, तनाव का शिकार न हों। सफर बहुत छोटा है। क्या किसी ने बिना किसी वजह के आपकी बेइज़्ज़ती की है? शांत रहिए और नज़रअंदाज़ कीजिए। सफर बहुत छोटा है। क्या किसी ने आप पर कोई नापसंद टिप्पणी की है? शांत रहिए, नज़रअंदाज़ कीजिए, उन्हें अपनी दुआओं में याद रखें, और बिना किसी बदले की भावना के उन्हें माफ़ कर दें। सफर बहुत छोटा है। हर वह तकलीफ़ जो आपको किसी दूसरे से मिली, वास्तव में वह उसी समय तकलीफ़ बनती है जब आप उसके बारे में सोचते हैं। याद रखिए, हमारा एक-दूसरे के साथ का सफर बहुत छोटा है। कोई इस सफर की लंबाई से वाकिफ नहीं है, कल किसी ने नहीं देखा, कोई नहीं जानता कि वह अपने स्टॉप पर कब पहुँच जाएगा। हमारा सफर बहुत छोटा है। आइए अपने परिवार और दोस्तों की सराहना करें। उनसे हंसी-मज़ाक कीजिए, उनका सम्मान कीजिए, प्यार करने वाले और दरगुज़र (माफ़) करने वाले बनिए क्योंकि सफर बहुत छोटा है। ___________📝📝📝___________ मनकूल (साभार) चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप

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