عربی ہفتم دورہ حدیث شریف

شرح معانی الآثار جلد  3
شرح معانی الآثار جلد 3
شرح معانی الآثار جلد  4
شرح معانی الآثار جلد 4
شرح معانی الآثار جلد 5
شرح معانی الآثار جلد 5
سنن ابن ماجہ
سنن ابن ماجہ
صحیح مسلم مترجم جلد  1
صحیح مسلم مترجم جلد 1
صحیح مسلم مترجم جلد  2
صحیح مسلم مترجم جلد 2
صحیح مسلم مترجم جلد  3
صحیح مسلم مترجم جلد 3
سنن ابن ماجہ مترجم جلد 1
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سنن ابن ماجہ مترجم جلد 2
سنن ابن ماجہ مترجم جلد 2

एक ज्ञानवर्धक लतीफा (मज़ाक)

एक ज्ञानवर्धक लतीफा (मज़ाक)

एक शिया महिला विद्वान (आलिमा) मुझसे कहने लगीं, "इब्राहिम (अलैहिस सलाम) शिया थे।" मैंने कहा, "कैसे?" उन्होंने कहा, "وَإِنَّ مِنْ شِيعَتِهِ لَإِبْرَاهِيمَ [83] (सूरह अस-साफ़्फ़ात), अनुवाद: 'और बेशक इब्राहिम उनके शिया (पैरोकारों) में से थे।'" मैंने कहा, "फिर तो आप यह भी मान जाएंगी।" उन्होंने पूछा, "कैसे?" मैंने कहा: " وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا مِنْ قَبْلِكَ فِي شِيَعِ الْأَوَّلِينَ [۱۰] وَمَا يَأْتِيهِمْ مِنْ رَسُولٍ إِلَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ (सूरह अल-हिज्र), अनुवाद: 'और हमने आपसे पहले भी पिछले लोगों के शियाओं (गिरोहों) में रसूल भेजे थे। और उनके पास ऐसा कोई रसूल नहीं आता था जिसकी वे हँसी न उड़ाते हों।' إِنَّ فِرْعَوْنَ عَلَا فِي الْأَرْضِ وَجَعَلَ أَهْلَهَا شِيَعًا [4] (सूरह अल-क़सस), अनुवाद: 'बेशक फ़िरऔन ने धरती पर सरकशी कर रखी थी और वहाँ के लोगों को शिया (टुकड़ों/गिरोहों) में बाँट रखा था।' مِنَ الَّذِينَ فَرَّقُوا دِينَهُمْ وَكَانُوا شِيَعًا [32] (सूरह अर-रूम), अनुवाद: 'उन लोगों में से जिन्होंने अपने दीन (धर्म) के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और खुद भी शिया (अलग-अलग संप्रदाय) बन गए।' إِنَّ الَّذِينَ فَرَّقُوا دِينَهُمْ وَكَانُوا شِيَعًا لَسْتَ مِنْهُمْ فِي شَيْءٍ [159] (सूरह अल-अनाम), अनुवाद: 'बेशक जिन लोगों ने अपने दीन को टुकड़े-टुकड़े कर दिया और शिया (पंथ) बन गए, आपका उनसे कोई संबंध नहीं है।' ثُمَّ لَنَنْزِعَنَّ مِنْ كُلِّ شِيعَةٍ أَيُّهُمْ أَشَدُّ عَلَى الرَّحْمَنِ عِتِيًّا [69] (सूरह मरियम), अनुवाद: 'फिर हम हर शिया (गिरोह) में से ऐसे लोगों को चुनकर निकाल लेंगे जो रहमान (अल्लाह) के सामने सबसे ज़्यादा सरकश (बागी) रहे थे।'" यह सुनकर वह महिला विद्वान हंसते हुए कहने लगीं, "मैं तो बस मज़ाक कर रही थी! 😅"

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