Most Beautiful Hamd 2025 - Wo Tanha Kon Hai - Ar Huzaifi - Hisham Younus - New Naat Sharif

इसे शेयर करें:
WhatsApp Facebook

ارے بھائی!

اگر آپ ہزاروں کتابیں، نعتیں، تصاویر، ویڈیوز، اخبار، مضامین، قبلہ نما، اوقات نماز، اسلامک گھڑی اور بہت کچھ آسانی کے ساتھ حاصل کرنا چاہتے ہیں تو بس ہمارے Islamic Tube ایپ کو پلے سٹور سے انسٹال کرو، اور بالکل مفت اور آسانی کے ساتھ اسلامک مواد حاصل کرو

ڈاؤن لوڈ کریں

Naats

हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

मुदर्रिसीन (शिक्षकों) को चाहिए कि हर तालिब-ए-इल्म (छात्र) को पूरा अरबी पढ़ाना ज़रूरी न समझें, जिसके अंदर मुनासबत (योग्यता) देखें, और फ़हम-ए-सलीम (सही समझ) पाएँ, उसको सब किताबें पढ़ा दें, और जिसको मुनासबत न हो, या फ़हम-ए-सलीम न हो, उसको बक़द्रे-ज़रूरत (ज़रूरत के मुताबिक़) मसाइल पढ़ा कर कह दें कि जाओ दुनिया के धंधे में लगो, तिमाही व हिर्फ़त (व्यापार और शिल्प) करो, क्योंकि हर शख़्स मुक़्तदा (नेता/मार्गदर्शक) बनने के लायक़ नहीं होता, बाज़े नालायक़ भी होते हैं, ऐसों को फ़ारिग़-उत-तहसील (स्नातक) बना कर मुक़्तदा बना देना ख़यानत (विश्वासघात) है। ऐसे लोगों के लिए एक मिक़दार मोअय्यन (मात्रा/सीमा निश्चित) कर लेनी चाहिए कि उससे आगे उनको न पढ़ाया जाए, और वह मिक़दार ऐसी हो जो दीन के ज़रूरी मसाइल जानने के लिए काफ़ी हो। (तामीम अत-तालीम, अत-तब्लीग़ - सफ़ा: 212 - सफ़ा: 161 - जिल्द: 21)

सबसे हालिया