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महिला का स्थान: इस्लाम से पहले और बाद में

महिला का स्थान: इस्लाम से पहले और बाद में

यूनानी कहते हैं कि औरत सांप से ज़्यादा ख़तरनाक है। सुक़रात का कहना था कि औरत से ज़्यादा और कोई चीज़ दुनिया में फ़ित्ना व फ़साद (अराजकता और अशांति) की नहीं। बोना विट्टियर का क़ौल...

14 Nov, 2024 और पढ़ें
सीरत-उन-नबी ﷺ पर उपयोगी पुस्तकें

सीरत-उन-नबी ﷺ पर उपयोगी पुस्तकें

हज़ूर-ए-अकरम ﷺ की सीरत-ए-मुबारका पर अरबी भाषा में निम्नलिखित पुस्तकों से लाभ उठाया जा सकता है: 1: अस-सीरत अन-नबविय्याह: दो खंडों (जिल्दों) में चार भागों पर आधारित यह अब्दुल मलिक...

14 Nov, 2024 और पढ़ें
हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया

हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया

एक बार मैं शेख हज़रत मौलाना मसीहउल्लाह ख़ान साहब रहमतुल्लाह अलैह के पास बैठा हुआ था और उस समय वहां और कोई नहीं था, केवल मैं था। इसी बीच एक आदमी आया और हज़रत से तावीज़ मांगने लगा। ह...

13 Nov, 2024 और पढ़ें
अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा

अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा

हज़रत मौलाना मोहम्मद अशरफ़ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह जब कोई दुआ मांगते और आंख से कोई आंसू आता, तो हज़रत उन आंसुओं को अपने चेहरे पर मल लिया करते थे। एक बार एक छात्र (طالب علم) ने दे...

13 Nov, 2024 और पढ़ें
एक विद्वान की हृदयविदारक कहानी

एक विद्वान की हृदयविदारक कहानी

चुनांचे मैं आपको एक अजीब और इब्रतनाक (सबक आमोज़) हिकायत (क़िस्सा) सुनाता हूँ जो मैंने मौलाना फ़तह मोहम्मद साहब रहमतुल्लाह अलैह से सुनी थी। मौलाना फ़रमाते हैं कि शेख़ दहान (तेल के व...

13 Nov, 2024 और पढ़ें
इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज...

12 Nov, 2024 और पढ़ें
बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया

बाबा जी की चार नसीहतें - दिलचस्प वाकया

उन दिनों जब मैं मदरसे में पढ़ता था। एक बाबा जी ज़्यादातर समय मस्जिद में गुज़ारते थे। हर समय किसी न किसी इबादत में व्यस्त रहते थे। यही मौसम था, सख्त सर्दी थी। मैंने देखा कि वह बर्फ...

12 Nov, 2024 और पढ़ें
हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!

हे ईश्वर! मेरा नूर मुझे लौटा दे!!

(नोट: इस घोषणापत्र के संबोधित व्यक्ति केवल शरिया विज्ञान (उलूम-ए-शरीयत) के छात्र हैं।) आरिफ़ों (अल्लाह की पहचान रखने वालों) ने शरिया के ज्ञान को इस तरह परिभाषित किया है कि यह अल...

12 Nov, 2024 और पढ़ें
एक बुजुर्ग की लोग उनके मुंह पर तारीफ कर रहे थे

एक बुजुर्ग की लोग उनके मुंह पर तारीफ कर रहे थे

मौलाना फखरुल हसन साहब गंगोही रहमतुल्लाह अलैह फरमाते हैं कि मैं मक्का मुअज्जमा में एक बुजुर्ग की खिदमत में हाजिर हुआ, लोग उनके मुंह पर उनकी तारीफ कर रहे थे और वह खुश हो रहे थे। मैंन...

12 Nov, 2024 और पढ़ें
एक ही सफ में खड़े हो गए महमूद व अयाज़

एक ही सफ में खड़े हो गए महमूद व अयाज़

इमाम अबू यूसुफ रहमतुल्लाह अलैह हारून रशीद के ज़माने में पूरे आलम-ए-इस्लाम के क़ाज़ी-उल-क़ुज़ात (मुख्य न्यायाधीश) थे, एक बार उनके पास ख़लीफ़ा हारून रशीद और एक नसरानी (ईसाई) का मुक़द...

11 Nov, 2024 और पढ़ें
दुनिया के लिए सबसे बदसूरत लेकिन अपने समय के बेहतरीन किरदार

दुनिया के लिए सबसे बदसूरत लेकिन अपने समय के बेहतरीन किरदार

लिज़ी को दुनिया की सबसे बदसूरत महिला कहा गया, उस पर लाखों मीम बनाए गए, यहाँ तक कि उससे यह भी कहा गया कि इतनी बदसूरती के साथ जीने से बेहतर है मर जाओ, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और...

10 Nov, 2024 और पढ़ें
पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)

पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)

शेख़-उल-हदीस हज़रत मौलाना मोहम्मद तक़ी उस्मानी साहब (दामत बरकातुहुम) अपनी मशहूर तस्नीफ़ "उलूम-उल-क़ुरआन" में लिखते हैं: "यह पांच तफ़सीरें (यानी तफ़सीर-ए-कबीर, तफ़सीर इब्न कसीर,...

10 Nov, 2024 और पढ़ें