त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास BSF जवानों पर लाठी-डंडों से हमला हुआ है। घटना बॉक्सानगर में आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास की है। हमले में जवानों के सिर फूटे और उनकी गाड़ी के शीशे टूट गए। पुलिस ने 8 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हमले की निंदा करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
कैसे भड़का बवाल?
आशाबारी BOP पर BSF की 49वीं बटालियन के जवान तैनात हैं। सोमवार सुबह वे तस्करी से जुड़े मामले में कार्रवाई के लिए गांव गए थे।
इस दौरान ग्रामीणों से बहस हुई और एक जवान ने हेफजुर रहमान नाम के व्यक्ति पर लाठी से हमला कर दिया।
इससे भड़के ग्रामीणों ने बोक्सानगर-रहीमपुर रोड जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर तस्करी का आरोप है।
हमले में क्या हुआ?
रहीमपुर BOP के असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया और गाड़ी में तोड़फोड़ की।
आरोप है कि भीड़ ने जवानों के हथियार छीनने की कोशिश भी की।
और जवान पहुंचे तो ग्रामीणों से झड़प हुई।
रोहित कुमार समेत कई लोग घायल हुए। उन्हें बोक्सानगर प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया और प्राथमिक इलाज के बाद कैंप भेज दिया गया।
हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जवानों के बताने पर 8 लोगों को पूछताछ के लिए कलामचौरा थाने ले गई।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
अप्रैल 2024 में दुर्गापुर गांव में तस्करी रोकने के दौरान भीड़ के हमले में 3 जवान घायल हुए थे।
नवंबर 2025 में बिशालगढ़ में पशु तस्करों को रोकने गए जवानों की गाड़ी में ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की थी, जिसमें 5 जवान घायल हुए थे।